Mukesh Ambani Biography in Hindi – एक आम से खास बनने तक का सफर

मुकेश अंबानी, भारत के सबसे प्रभावशाली और धनी उद्योगपतियों में से एक, जिन्होंने अपनी दूरदृष्टि और नेतृत्व से रिलायंस इंडस्ट्रीज को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। उनकी कहानी मेहनत, जोखिम, और नवाचार की एक ऐसी मिसाल है, जो हर भारतीय को प्रेरित करती है।

forbes के अनुसार अप्रैल 2025 तक मुकेश अंबानी भारत के सबसे अमीर और दुनिया के 15 सबसे अमीर व्यक्ति में से एक है| उनका कुल Net Worth अमेरिकी मुद्रा मे 114 बिलियन डॉलर है |तो आइये जानते है हमारे ब्लॉग mukesh ambani biography in hindi के माध्यम से इतने संपत्ति बनाने के “रहस्य”

परिचय

मुकेश धीरूभाई अंबानी भारत के सबसे बड़े उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और कंपनी के सबसे बड़े शेयरधारक है|

वह न केवल भारत के सबसे धनी व्यक्ति हैं, बल्कि एशिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में भी शुमार हैं। उनकी नेतृत्व शैली और नवाचार ने तेल, रसायन, और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में रिलायंस को एक नई ऊंचाई दी।

उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है जियो, जिसने भारत में डिजिटल क्रांति ला दी। आज वह रिटेल, ग्रीन एनर्जी, और डिजिटल तकनीक में निवेश के साथ भारत को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं।

उनकी कंपनी रिलायंस जिओ भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, जो भारत की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान करती है

प्रारम्भिक जानकारी

नाम: मुकेश धीरूभाई अंबानी

निकनेम: कोई विशेष निकनेम नहीं, लेकिन उन्हें अक्सर “मुकेश भाई” के रूप में संबोधित किया जाता है।

जन्म: 19 अप्रैल 1957, एडन, यमनजन्म स्थान: एडन, यमन (उस समय उनके पिता वहां काम करते थे)

पिता: धीरूभाई अंबानी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापकमाता: कोकिलाबेन अंबानी, पत्नी: नीता अंबानी,बच्चे: आकाश, ईशा, और अनंत अंबानी

भाई-बहन: अनिल अंबानी (भाई), नीना कोठारी, और दीप्ति सलगांवकर (बहनें)

संपत्ति: 2024 तक उनकी कुल संपत्ति लगभग $119.7 बिलियन थी, जिससे वह दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक हैं।निवास: एंटीलिया, मुंबई – दुनिया के सबसे महंगे घरों में से एक

अंबानी परिवार यमन में कुछ समय के लिए ही रहा क्योंकि उनके पिता ने 1958 में मसालों और वस्त्रों का व्यापारिक व्यवसाय शुरू करने के लिए भारत वापस आने का फैसला किया। मुकेश अंबानी परिवार 1970 के दशक तक भुलेश्वर, मुंबई में एक साधारण दो-बेडरूम वाले अपार्टमेंट में रहता था।

शिक्षा और बचपन

मुकेश अंबानी का जन्म यमन के एडन में हुआ, जहां उनके पिता धीरूभाई अंबानी एक गैस स्टेशन पर काम करते थे। कुछ समय बाद परिवार भारत लौट आया और मुंबई में बस गया।उनका बचपन सादगी भरा और साधारण परिवार मे बीता| हालाँकि उनके पिता धीरूभाई अंबानी ने बाद में एक बड़ा व्यापारिक साम्राज्य का निर्माण किया|

स्कूलिंग: शिक्षा और बचपनअंबानी ने अपने भाई और आनंद जैन के साथ मुंबई के पेडर रोड स्थित हिल ग्रेंज हाई स्कूल में पढ़ाई की।

कॉलेज: उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से केमिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। बाद में अंबानी ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में एमबीए के लिए दाखिला लिया, लेकिन 1980 में अपने पिता को रिलायंस में मदद करने के लिए उन्होंने डिग्री बीच में ही छोड़ दी।

बचपन के किस्से:एक बार, बचपन में मुकेश ने अपने पिता से पूछा कि वह इतनी मेहनत क्यों करते हैं। धीरूभाई ने जवाब दिया, “क्योंकि मैं चाहता हूं कि मेरे बच्चे और देशवासी बेहतर जिंदगी जिएं।”

यह बात मुकेश के दिल को छु गई, जो उनके सफलता के पीछे का कारण है।वह स्कूल में एक जिज्ञासु छात्र थे और इतिहास की किताबें, खासकर “Glimpses of World History” पढ़ने में रुचि रखते थे।

कैरियर की शुरुआत

मुकेश अंबानी ने 1981 में रिलायंस इंडस्ट्रीज में एक साधारण कर्मचारी के रूप से कदम रखा। उस समय रिलायंस एक उभरती हुई कंपनी थी, शुरुआत में उनके पिता धीरूभाई अंबानी ने कंपनी के पॉलिएस्टर बिजनेस को संभालने की जिम्मेदारी दी|

मुकेश ने अपने पिता के साथ मिलकर पॉलिएस्टर व्यवसाय में महारत हासिल करने के बाद, रिलायंस को एक टेक्सटाइल कंपनी से तेल रसायन और रिफाइनरी जैसे अनेक क्षेत्र में विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई| उन्होंने जामनगर, गुजरात में दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी स्थापित की, जो रिलायंस की वैश्विक पहचान का आधार बनी।

यही से उन्होंने उत्पादन, आपूर्ति, प्रबंधन और टीमवर्क जैसे व्यावसायिक मूल्यों को सीखा।उनकी प्रेरणा उनके पिता धीरूभाई अंबानी थे, जिन्होंने कहा था –

“बड़ा सोचो, तेजी से सोचो और सबसे आगे सोचो।”

मुख्य उपलब्धियां

मुकेश अंबानी के नेतृत्व में, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं:

•जामनगर रिफाइनरी: उन्होंने जामनगर, गुजरात में दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी में से एक का निर्माण किया, जिसकी क्षमता प्रति दिन 1.24 मिलियन बैरल है। यह सुविधा रिलायंस के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।

•रिलायंस जियो: 2016 में, उन्होंने रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (अब रिलायंस जियो) लॉन्च किया, जिसने भारत में दूरसंचार क्षेत्र में क्रांति ला दी। जियो ने सस्ती दरों पर 4G ब्रॉडबैंड सेवाएं प्रदान करके लाखों भारतीयों को इंटरनेट से जोड़ा।

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•खुदरा क्षेत्र में विस्तार: रिलायंस रिटेल के माध्यम से, उन्होंने भारत के खुदरा क्षेत्र में महत्वपूर्ण विस्तार किया, जिससे यह देश की सबसे बड़ी खुदरा श्रृंखलाओं में से एक बन गई।

ऊर्जा और प्रौद्योगिकी में निवेश: अंबानी ने स्वच्छ ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियों में भारी निवेश किया है, जो रिलायंस के भविष्य के विकास के लिए उनकी दूरदर्शिता को दर्शाता है।

ग्रीन एनर्जी: 2035 तक रिलायंस को नेट-जीरो कार्बन कंपनी बनाने का लक्ष्य।वैश्विक निवेश: फेसबुक, गूगल जैसे दिग्गजों से जियो में निवेश प्राप्त करना।

समस्याएं और संघर्ष

मुकेश अंबानी का जीवन चुनौतियों से खाली नहीं रहा| 2002 में धीरूभाई अंबानी की मृत्यु के बाद, मुकेश और उनके भाई अनिल के बीच कंपनी के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ | इसके बावजूद भी मुकेश अंबानी ने अपने नेतृत्व मे कंपनी को और भी मजबूत बनाया|

शुरुआती दिनों में, उन्हें बिना पूर्व अनुभव के बड़े पैमाने पर संचालन का प्रबंधन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रिलायंस के विस्तार के दौरान, उन्हें सरकारी नियमों, आपूर्ति श्रृंखला की जटिलताओं और कपड़ा क्षेत्र में बाजार के उतार-चढ़ाव जैसी समस्याओं से जूझना पड़ा।

उनके जीवन का सबसे बड़ा जोखिम रिलायंस जियो का लॉन्च था। उन्होंने स्वयं स्वीकार किया है कि जियो में निवेश करना उनके जीवन का सबसे बड़ा जोखिम था। इसके बावजूद, उन्होंने इस चुनौती का सामना किया और जियो को एक बड़ी सफलता बनाया, जिसने भारतीय दूरसंचार बाजार को बदल दिया।

व्यक्तित्व और विचार

मुकेश अंबानी को एक दूरदर्शी नेता के रूप में जाना जाता है जो जोखिम लेने से नहीं डरते। उनके विचार यथार्थवादी हैं और सफलता प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं। वे टीम वर्क पर जोर देते हैं, नवाचार को अपनाते हैं और ग्राहक संतुष्टि पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उनकी कुछ प्रमुख विचार और आदतें हैं:

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विशेषताएँ :वह कम बोलते हैं, लेकिन उनके काम बोलते हैं। वह एक पारिवारिक व्यक्ति हैं और अपनी पत्नी नीता अंबानी के साथ मिलकर सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं।

दूरदर्शिता: वे हमेशा भविष्य की संभावनाओं को देखते हैं और बड़े सपने देखते हैं।

जोखिम लेने की क्षमता: वे गणना किए गए जोखिम लेने से नहीं डरते, जैसा कि जियो के लॉन्च से स्पष्ट है।

नवाचार: वे लगातार नए विचारों और प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रयासरत रहते हैं।

सादगी: इतनी संपत्ति के मालिक होने के बावजूद, वे एक डाउन-टू-अर्थ व्यक्ति हैं और शाकाहारी हैं।

उनके विचा

“Data is the new oil.”

“अपने सपनों को पूरा करने के लिए, आपको जागना होगा।”

“सपने वो नहीं जो सोते वक्त देखे जाते हैं, सपने वो हैं जो आपको सोने न दें।”

“प्रतिस्पर्धा से डरने की जरूरत नहीं, इसे अवसर में बदलें।”

“सपने बड़े देखो, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करो।”

“ग्राहक ही हमारा सबसे बड़ा बॉस है।”*

सामाजिक योगदान

मुकेश अंबानी और उनके परिवार का सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, मुख्य रूप से रिलायंस फाउंडेशन के माध्यम से, जिसकी स्थापना उनकी पत्नी नीता अंबानी ने की है। उनके कुछ प्रमुख सामाजिक योगदानों में शामिल हैं:

शिक्षा :धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल और जियो यूनिवर्सिटी का निर्माण किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षा का विस्तार हो सका

खेल: नीता अंबानी के नेतृत्व में इंडियन सुपर लीग और मुंबई इंडियंस जैसी पहल

स्वास्थ्य सेवाएं: वे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए भी काम करते हैं, जिसमें चिकित्सा सुविधाओं का विकास और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने एम्स मुंबई जैसा अस्पतालों में भी दान देकर स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान दिया

आपदा राहत: रिलायंस फाउंडेशन ने विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लिया है।

कला और संस्कृति: वे कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी समर्थन प्रदान करते हैं।

पर्यावरण: अंबानी ने स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण में भी निवेश किया है।हाल ही में, मुकेश अंबानी ने अपने पूर्व शिक्षण संस्थान, इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT) को 151 करोड़ रुपये का दान दिया, जो उनके सामाजिक दायित्व का एक और उदाहरण है।

प्रमुख योगदान

डिजिटल क्रांति: जिओ रिलायंस जिओ के माध्यम से पूरे भारत में इंटरनेट को हर व्यक्ति तक पहुंचा खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों तक|

आत्मनिर्भर भारत: रिलायंस इंडस्ट्री के सहयोग से भारत को तेल रिटेल और ग्रीन एनर्जी में आत्मनिर्भर बनाया जिससे लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए

वैश्विक प्रभाव : रिलायंस को वैश्विक स्तर पर एक ब्रांड बनाया जिससे ग्लोबल स्तर पर भारत की साख बढाई |

प्रेरणा स्त्रोत

मुकेश अंबानी के सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत उनके पिता, धीरूभाई अंबानी हैं। धीरूभाई ने एक छोटे से व्यापारिक उद्यम से रिलायंस इंडस्ट्रीज को एक विशाल साम्राज्य में बदल दिया, और उनकी दूरदर्शिता और कड़ी मेहनत ने मुकेश को हमेशा प्रेरित किया है।

मुकेश अंबानी ने अपने पिता से सीखा कि व्यवसाय केवल मुनाफे के बारे में नहीं है, बल्कि लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाने के बारे में भी है।इसके अलावा, वह भारत की प्रगति और तकनीकी नवाचार से प्रेरित हैं। वह अक्सर कहते हैं कि भारत की युवा शक्ति और तकनीक उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है।

यादगार कहानियाँ

  1. पहली नौकरी:मुकेश ने रिलायंस में काम करते हुए खुद को साबित किया, यहाँ तक कि फैक्ट्री में शिफ्ट भी संभाली।
  2. Jio का जन्म:2016 में Jio लॉन्च करने से पहले उन्होंने पूरे देश में फाइबर नेटवर्क बिछाया, जिसे लोग “मुकेश अंबानी की डिजिटल क्रांति” कहते हैं।
  3. जामनगर रिफाइनरी की स्थापना: 1990 के दशक में, जब रिलायंस ने जामनगर रिफाइनरी शुरू की, तो यह एक असंभव सपना लगता था। मुकेश ने दिन-रात मेहनत कर इसे हकीकत बनाया।
  4. .स्टैनफोर्ड छोड़ना: मुकेश अंबानी ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से MBA अधूरा छोड़कर पिता के कहने पर भारत लौटने का निर्णय लिया – यह दिखाता है उनका परिवार और देश के प्रति समर्पण।

वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाएं

आजकल, मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में व्यस्त हैं।रिलायंस को ग्रीन एनर्जी, डिजिटल तकनीक, और डीप-टेक में अग्रणी बनाने पर काम कर रहे हैं।विशेष रूप से स्वच्छ ऊर्जा और नई प्रौद्योगिकियों में भारी निवेश कर रहे हैं।

वह $10 बिलियन से अधिक का निवेश ग्रीन एनर्जी में कर रहे हैं, ताकि 2035 तक रिलायंस नेट-जीरो कार्बन कंपनी बने। इसके अलावा, वह जियो और रिलायंस रिटेल को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की योजना बना रहे हैं।हाल ही में, उनकी कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज को ब्रोकिंग कारोबार के संचालन के लिए सेबी से मंजूरी मिली है, जो वित्तीय सेवाओं में उनके विस्तार का संकेत है।

सीख और प्रेरणा

मुकेश अंबानी के जीवन से कई महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं

  • दूरदर्शिता और बड़े सपने देखना:हमेशा भविष्य की संभावनाओं को देखें और बड़े सपने देखें चाहे वह जियो हो या रिफाइनरी, मुकेश ने हमेशा बड़े सपने देखे और उन्हें हासिल किया
  • जोखिम लें: गणना किए गए जोखिम लेना| जियो में भारी निवेश एक जोखिम था, लेकिन यह सफलता में बदला।
  • जिम्मेदारी: व्यवसाय केवल लाभ कमाने के बारे में नहीं है, बल्कि समाज के लिए कुछ करने के बारे में भी है। व्यवसाय केवल लाभ कमाने के उद्देश्य से नहीं बल्कि समाज के लिए कुछ करने के लिए करें|
  • दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत: सफलता के लिए दृढ़ संकल्प और अथक प्रयास आवश्यक हैं।

अतिरिक्त जानकारी

एंटीलिया: मुकेश अंबानी का घर, एंटीलिया, दुनिया के सबसे महंगे घरों में से एक है। यह मुंबई में 27 मंजिला इमारत है, जिसमें हेलीपैड, थिएटर, और गार्डन जैसी सुविधाएं हैं।

प्रभावशाली व्यक्तित्व: वह कम बोलते हैं, लेकिन उनके निर्णय और रणनीतियां उद्योग जगत में चर्चा का विषय रहती हैं।

निष्कर्ष

मुकेश अंबानी की जीवनी सिर्फ एक उद्योगपति की कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति की प्रेरणादायक यात्रा है जिसने भारत की अर्थव्यवस्था को नया आयाम दिया। उनका जीवन यह सिखाता है कि सही दृष्टि और मेहनत से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।

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